Rahul Gandhi On CJP Leaders Jail: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस में बदल गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। तिरंगा लहराने के बाद हिरासत में लिए गए CJP नेता जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के बावजूद मंगलवार सुबह CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका वहां पहुंचे। दोनों ने तिरंगा लहराकर विरोध जताया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और संगठन के अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया। बाद में सौरव दास और आशुतोष रांका समेत CJP नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं। Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice. Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights. Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 14, 2026 राहुल गांधी बोले- तिरंगा लहराना अपराध नहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CJP नेताओं को हिरासत में भेजे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उनके मुताबिक, अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग करने वाले युवाओं को जेल भेजना गलत है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और उसे जनता के लिए वापस लिया जाएगा। उन्होंने छात्र संगठनों, युवाओं, पत्रकारों और INDIA गठबंधन के अलग-अलग मंचों से हो रहे प्रदर्शनों को एक ही उद्देश्य से जुड़ा बताया। अभिजीत दिपके बोले- थैंक्यू LoP CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी नेताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों के विरोध का साझा उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि संगठन INDIA गठबंधन के विरोध में है। नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिपके ने आरोप लगाया कि नेताओं को जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के मामले में पांच दिन की हिरासत में भेजना 'अनऑफिशियल इमरजेंसी' जैसा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार आपातकाल जैसी स्थिति चाहती है, तो उसे आधिकारिक रूप से घोषित करे। VIDEO | Napur, Maharashtra: CJP founder Abhijit Dipke reacts Saurav Das and others being sent to 5-day judicial custody, says, "I want to tell Narendra Modi that if you want to impose an emergency in the country, do it officially. Why are you running an unofficial emergency where people are sent to five days of detention just for waving the national flag at Jantar Mantar? Such things did not happen even during the Emergency. If you have the strength, declare the Emergency officially. These people are utter cowards who are hiding behind the police. Since yesterday, Saurav, Ashutosh, and Ajinkya were held in illegal detention and were not even allowed to meet their lawyers. This morning, Saurav and Ashutosh were remanded to five days of judicial custody. What was their crime?" On INDIA bloc protests, he said, "All these protests are fighting for the exact same cause. We all share a single goal, fighting against Gyanesh Kumar, who is rigging elections to help Narendra Modi stay in power. Cockroach Janata Party is an independent pressure group and will always remain so but that does not mean we are against the INDIA bloc. We are fighting for the very same cause." (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd) — Press Trust of India (@PTI_News) October 14, 2026 हिरासत पर उठे सवाल दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान नेताओं को वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य का अपराध क्या था? फिलहाल, CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अब इस मामले में आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। ये भी पढ़ें: रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, भेजे गए तिहाड़ जेल